Jindal School of International Affairs
| Room No | |
| Languages | English Hindi |
| Key Expertise |
श्रीराम चौलिया। वेनेजुएला में अमेरिकी हमला यही दर्शाता है कि हम महाशक्तियों की घातक प्रतिस्पर्धा और उनके मनमाने हस्तक्षेपों के दौर में जी रहे हैं। ऐसे दौर में जहां अंतरराष्ट्रीय कानूनों और जंगल के कानूनों में कोई अंतर ही नहीं रह गया है। वेनेजुएला में तख्तापलट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शेखी बघारते हुए कहा, ‘हमें इसे फिर से करना होगा, हम फिर से ऐसा कर सकते हैं और कोई हमें रोक नहीं सकता।’ यानी जिसकी लाठी उसी की भैंस। ट्रंप का यह औपनिवेशिक दावा कि ‘हम वेनेजुएला को चलाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि इसे ठीक से चलाया जाए’, स्पष्ट संकेत है कि शक्तिशाली ही शक्तिहीन पर राज करेंगे। ट्रंप ने वेनेजुएला में अवैध रूप से सत्ता परिवर्तन करके वहां के खनिजों को अमेरिकी कंपनियों के एकाधिकार में लाने की खुलेआम घोषणा से सिद्ध कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के जो भी बचे-कुचे बंधन थे, वे भी ध्वस्त होते जा रहे हैं।
| Published Date | 05-01-2026 |
| Category | News |